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जमशेदपुर: टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती एक महिला मरीज के परिजनों ने नर्स और अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही, गलत इंजेक्शन लगाने और उचित जांच नहीं करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मामले की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, डायलिसिस मरीज पुष्पा शर्मा को 12 जुलाई 2026 को वार्ड 7बी में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर के निर्देश के बावजूद दिन में दो बार ब्लड शुगर की जांच नहीं की गई। मरीज को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने के दौरान लॉगशीट में गलत जानकारी दर्ज करने का भी आरोप लगाया गया है।
परिजनों के अनुसार, 14 जुलाई की सुबह करीब चार बजे मरीज को सीने में तेज दर्द हो रहा था। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद सिस्टर को जानकारी देने के बावजूद तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली। बाद में डॉक्टर के पहुंचने पर मरीज की जांच की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अलग-अलग शिफ्टों में रक्तचाप की नियमित जांच नहीं की गई।
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप 15 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे का लगाया गया है। परिजनों के मुताबिक, सिस्टर पुष्पलता हेंब्रम ने मरीज के बाएं पैर में इंजेक्शन लगाया। मरीज और परिजनों ने इंजेक्शन पैर में नहीं लगाने की बात कही थी और कथित तौर पर डॉक्टर ने भी ऐसा निर्देश दिया था। इसके बावजूद पैर में इंजेक्शन लगा दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मरीज के पैर में सूजन आ गई और पैर का हिस्सा काला पड़ने लगा। बाद में कार्डियोलॉजी लैब में जांच के दौरान डॉक्टर ने स्थिति को गंभीर बताते हुए सर्जरी की आवश्यकता की बात कही। परिजनों का दावा है कि समय पर इलाज नहीं होने पर पैर पर गंभीर असर पड़ सकता था।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी नर्स और अन्य जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

