NEWS LAHAR REPORTER
फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो : मांग
आदिवासी समाज के हक-अधिकारों के लिए सदैव सजग और संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री निशा कुमारी भगत के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। उनके निधन को जनजातीय समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की गई हैं।
इस दुखद घटना के बाद उनकी मृत्यु से पहले फेसबुक लाइव के माध्यम से लगाए गए आरोपों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मांग की गई है कि फेसबुक लाइव में सामने आए आरोपों की गंभीरता से निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि उनकी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों एवं प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आदिवासी समाज की एक बेटी न्याय की गुहार लगा रही थी, तब उसे समय रहते सहायता और सुरक्षा क्यों नहीं मिल सकी? उसकी शिकायतों को कितनी गंभीरता से लिया गया? इन सवालों का जवाब राज्य सरकार को देना चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही फेसबुक लाइव सहित सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, आरोपों में उल्लिखित प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच करने तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है।
इसके अलावा पीड़ित परिवार और संभावित गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
बयान में कहा गया कि आदिवासी अधिकारों की रक्षा केवल दावों और घोषणाओं से नहीं, बल्कि जरूरत के समय पीड़ितों को न्याय, सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराने से साबित होती है। निशा कुमारी भगत के निधन से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष जवाब मिलना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और परिवार को न्याय मिल सके।

