जमशेदपुर: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से सीनी जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में आपदा प्रबंधन के तहत इमरजेंसी रेस्क्यू और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा के साथ हुई। सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि किसी भी दुर्घटना के समय घटनास्थल पर संसाधनों की कमी होती है। ऐसे में प्रथम रिस्पांडर को विशेष तकनीकों का उपयोग करते हुए प्राथमिक उपचार देना और घायलों को सुरक्षित एंबुलेंस तक पहुंचाना ही इमरजेंसी रेस्क्यू का मुख्य उद्देश्य होता है।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना स्थल पर अक्सर बेहोश, फ्रैक्चर से पीड़ित, रक्तस्राव से घायल और घबराए हुए लोग होते हैं। ऐसी स्थिति में ट्रायेज पद्धति अपनाते हुए पहले बेहोश और अधिक रक्तस्राव वाले घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजना जरूरी होता है। इसे ही ‘गोल्डन आवर’ का प्रभावी उपयोग कहा जाता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान घायलों को सुरक्षित तरीके से ट्रांसपोर्ट करने की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी गई। दूसरे सत्र में डिमॉन्स्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने सीपीआर, श्वसन मार्ग अवरुद्ध होने पर प्राथमिक उपचार और हेमलिच मेनूवर की विधि का मॉक ड्रिल के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेलवे भर्ती बोर्ड भुवनेश्वर और कोलकाता द्वारा नव चयनित अभ्यर्थियों सहित संबलपुर और खड़गपुर डिवीजन से कुल 95 सहायक लोको पायलट उपस्थित रहे।

