NEWS LAHAR REPORTER
मनोहरपुर: मनोहरपुर प्रखंड के रेगालबेड़ा गांव स्थित शिल्पा स्वयं सहायता समूह (SHG) के बैंक खाते से ₹4 लाख की कथित अवैध निकासी के मामले में झारखंड ग्रामीण बैंक की जांच में बैंक को क्लीन चिट मिली है। जांच रिपोर्ट में बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार करते हुए विवाद को समूह के आंतरिक वित्तीय लेन-देन से जुड़ा मामला बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, समूह की महिलाओं ने 21 जून 2026 को झारखंड ग्रामीण बैंक, मनोहरपुर शाखा तथा जेएसएलपीएस (JSLPS) को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया था कि उनके समूह के बैंक खाते से बिना जानकारी ₹4 लाख की निकासी कर ली गई है। शिकायत के बाद बैंक स्तर पर मामले की जांच कराई गई।

24 जुलाई 2026 को जारी जांच प्रतिवेदन में बैंक ने स्पष्ट किया कि लोन संबंधी सभी दस्तावेज नियमानुसार तैयार किए गए थे तथा इस पूरी प्रक्रिया में बैंक कर्मियों की कोई भूमिका या अनियमितता नहीं पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, समूह की सर्वसम्मति से अध्यक्ष एतवारी लकड़ा को ₹3 लाख की राशि ऋण के रूप में उनके व्यक्तिगत लोन खाते में हस्तांतरित की गई थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तिथियों में उक्त राशि अपने खाते से निकाल ली।
जांच में यह भी सामने आया कि अध्यक्ष द्वारा निकाली गई राशि समूह के खाते में वापस जमा नहीं कराई गई। बैंक के अनुसार, इसी कारण समूह की अन्य सदस्यों और अध्यक्ष के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
जांच रिपोर्ट में झारखंड ग्रामीण बैंक ने निष्कर्ष दिया है कि यह मामला बैंकिंग धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि स्वयं सहायता समूह के आंतरिक लेन-देन एवं आपसी विश्वास से जुड़ा विवाद है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में बैंक अथवा उसके कर्मचारियों की कोई जिम्मेदारी निर्धारित नहीं होती।

