NEWS LAHAR REPORTER
देश के रिटायर्ड हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों और जजों की पेंशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम स्पष्टीकरण जारी किया है। शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि संशोधित पेंशन संबंधी उसका 2025 का फैसला 9 अक्टूबर 2016 से प्रभावी माना जाएगा। इसके तहत रिटायर्ड चीफ जस्टिस को सालाना 15 लाख रुपये और रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों को 13.5 लाख रुपये की पूर्ण पेंशन का लाभ मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल थे, ने केंद्र सरकार की ओर से दायर आवेदन पर यह स्पष्टता दी। अदालत ने कहा कि जिन जजों ने 9 अक्टूबर 2016 से पहले रिटायरमेंट लिया है, उनके बकाये की गणना पुराने अधिकतम पेंशन ढांचे के आधार पर की जाएगी।
दरअसल, मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने “वन रैंक, वन पेंशन” के सिद्धांत को लागू करते हुए फैसला दिया था कि सभी रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों को समान और पूर्ण पेंशन मिलेगी, चाहे उनकी नियुक्ति न्यायिक सेवा से हुई हो या बार से, और चाहे वे किसी भी समय नियुक्त हुए हों।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि पेंशन के मामले में जजों के बीच नियुक्ति के स्रोत या सेवा में आने की तारीख के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के इस स्पष्टीकरण के बाद अब हजारों रिटायर्ड जजों और उनके परिवारों को संशोधित पेंशन और बकाया राशि का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

