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झारखंड सरकार ने रखा था 1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ का इनाम; झारखंड पुलिस मुख्यालय ने बंगाल में सरेंडर की पुष्टि की
रांची/कोलकाता। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। असीम मंडल पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी पश्चिम बंगाल में उसके आत्मसमर्पण की पुष्टि की है।
असीम मंडल पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपये, जबकि ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह वह दोनों राज्यों का कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनामी माओवादी था।
पश्चिम मेदिनीपुर का रहने वाला है असीम मंडल
रिपोर्टों के अनुसार असीम मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक का रहने वाला है। संगठन में उसे आकाश के अलावा तिमिर, मनोज, दीपक और राकेश जैसे नामों से भी जाना जाता रहा है। वह लंबे समय से झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों से जुड़ा बताया जाता रहा है।
असीम मंडल को लेकर झारखंड पुलिस लंबे समय से सक्रिय थी। अगस्त 2026 में पूर्वी सिंहभूम के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस ने उसके नाम और एक करोड़ रुपये के इनाम वाले पोस्टर भी लगाए थे।
झारखंड-ओडिशा में भी रहा सक्रिय
असीम मंडल का नाम झारखंड और ओडिशा में सक्रिय माओवादी नेटवर्क से जुड़ा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार वह कोल्हान-सारंडा समेत झारखंड-बंगाल सीमा से जुड़े जंगल क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों में सक्रिय रहा। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
उसके खिलाफ दर्ज मामलों और उसकी कथित गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। उसके दस्ते से जुड़े कुछ सदस्यों के पहले आत्मसमर्पण करने की भी जानकारी सामने आई थी।
कोलकाता STF के सामने आत्मसमर्पण
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार असीम मंडल ने कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उसके आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ के दौरान उसके संगठन, नेटवर्क और झारखंड-बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सकती है।
पहले से बढ़ रहा था आत्मसमर्पण का दबाव
इससे पहले असीम मंडल के दस्ते से जुड़े कुछ सदस्यों के पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण करने की खबरें सामने आई थीं। पुलिस को उसके झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद उसके आत्मसमर्पण की संभावनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय थीं।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण पूछताछ
असीम मंडल के आत्मसमर्पण के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों की नजर उसकी पूछताछ पर है। एजेंसियां उसके संगठनात्मक नेटवर्क, सक्रिय सदस्यों, हथियारों के ठिकानों और माओवादी गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास करेंगी। इन पहलुओं पर आधिकारिक पूछताछ से मिलने वाली जानकारी आगे की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
17 सितंबर 2026 को हुए इस आत्मसमर्पण की पुष्टि झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा की गई है।

