NEWS LAHAR REPORTER
त्योहार की भीड़ का पहले से था अनुमान, फिर भी यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में प्रशासन क्यों रहा नाकाम? घंटों जाम में फंसे रहे राहगीर और वाहन चालक
जमशेदपुर। धनतेरस के अवसर पर खरीदारी के लिए शुक्रवार को शहर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी। साकची, मानगो और अन्य प्रमुख बाजारों की ओर लोगों का रुख होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। लेकिन त्योहार के मद्देनजर पहले से अनुमानित इस भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियां सवालों के घेरे में आ गईं।
सवालों में शहर की यातायात व्यवस्था की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से सामने लाया गया है। सवाल उठाया गया है कि जब प्रशासन को पहले से पता था कि धनतेरस पर सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा, तो जाम से निपटने के लिए ठोस व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई?
मानगो पुल पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार
धनतेरस की भीड़ का सबसे अधिक असर मानगो पुल पर देखने को मिला। पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया और चारपहिया वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जब चालान काटने की जरूरत थी, तब पुलिस कहां?
दोपहर में पुलिस सड़कों के किनारे इधर-उधर खड़ी गाड़ियों का चालान काटती नजर आई, लेकिन जब सड़कों पर भीषण जाम लगा और यातायात व्यवस्था चरमरा गई, तब जाम हटाने और वाहनों का परिचालन सामान्य कराने के लिए पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े होने लगे।

त्योहारों में ट्रैफिक प्लान की जरूरत
धनतेरस और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर बाजारों में भीड़ उमड़ना स्वाभाविक है। ऐसे अवसरों पर प्रशासन से पहले से ट्रैफिक प्लान तैयार करने, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, पार्किंग की व्यवस्था करने और जरूरत के अनुसार वाहनों के मार्ग में बदलाव करने की अपेक्षा रहती है।
मानगो पुल और शहर के प्रमुख मार्गों पर लगे जाम ने यातायात प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। सवाल यह है कि जब हर साल त्योहारों पर ऐसी स्थिति बनती है, तो आम लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था कब होगी?

