जमशेदपुर: जिला बार एसोसिएशन, जमशेदपुर की ओर से पुराने न्यायालय परिसर में शुक्रवार को मां सरस्वती की पूजा-अर्चना भव्य और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुई। ज्ञान, विद्या और विवेक की देवी की आराधना में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा सामाजिक गणमान्य लोग शामिल हुए।
पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पांजलि और भक्ति गीतों की गूंज से आध्यात्मिक माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने मां सरस्वती से समाज में ज्ञान, शांति और सद्बुद्धि के प्रसार की कामना की।
अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रीराम दूबे ने कहा कि मां सरस्वती केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि विवेक और नैतिकता का भी प्रतीक हैं। उन्होंने झारखंड की खुशहाली, शांति और अपराध-मुक्त समाज के लिए प्रार्थना की। उनका कहना था कि जब समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है, तभी न्याय और समरसता संभव है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि ज्ञान मनुष्य को सही-गलत का भेद सिखाता है और आत्मिक शुद्धता प्रदान करता है। मां सरस्वती की कृपा से समाज में संयम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने राज्य और देश में सामाजिक सौहार्द एवं न्यायपूर्ण व्यवस्था की कामना की।
इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने न्याय प्रणाली को और अधिक सशक्त, निष्पक्ष और जनोन्मुखी बनाने की प्रार्थना की। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
जमशेदपुर जिला बार एसोसिएशन में सरस्वती पूजा, अधिवक्ताओं और नेताओं की सहभागिता, न्याय व्यवस्था सशक्त बनाने और सामाजिक एकता संदेश दिया गया आज।

