जमशेदपुर के मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर पद की दावेदारी ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को खुलकर सामने ला दिया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व सचिव जेबा खान उर्फ़ साइस्ता परवीन को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई झारखंड कांग्रेस के सह-प्रभारी बलजीत सिंह बेदी की ओर से की गई।
निलंबन की सूचना मिलते ही जेबा खान भावुक हो गईं। मीडिया से बातचीत के दौरान वे रो पड़ीं और उन्होंने कहा कि वे वर्षों से कांग्रेस की समर्पित कार्यकर्ता रही हैं। उन्होंने राहुल गांधी की कन्याकुमारी से कश्मीर तक की पदयात्रा में सक्रिय भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के लिए उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
जेबा खान ने अपने निलंबन के पीछे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि पार्टी का कोई सामान्य कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ता, तो वे उसका समर्थन करतीं। लेकिन बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी सुधा गुप्ता को चुनाव मैदान में उतारने के लिए संगठन पर दबाव बना रहे थे, जिसके कारण उन्हें हटाया गया।
इस घटनाक्रम के बाद मानगो नगर निगम चुनाव की सियासत और गरमा गई है। कांग्रेस के अंदर गुटबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से चुनावी माहौल में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि पार्टी इस विवाद को कैसे संभालती है और इसका चुनावी समीकरण पर क्या असर पड़ता है।

