जमशेदपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली क्षेत्र अंतर्गत इस्लामनगर में एक नाबालिग छात्र की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है। बीते दो दिनों से लापता 14 वर्षीय छात्र मोहम्मद साबिर का शव शनिवार को बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई और माहौल गमगीन हो गया।
मृतक मोहम्मद साबिर जमशेदपुर के मानगो स्थित बावनगोड़ा कबीरिया स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था। परिजनों के अनुसार, साबिर 25 दिसंबर से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। अगले दिन 26 दिसंबर को परिवार ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
मृतक के पिता मोहम्मद समीर का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होती और खोजबीन शुरू करती, तो शायद उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी। बेटे का शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पिता न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। मेहनत-मजदूरी कर बेटे को पढ़ा रहे थे और उसके बेहतर भविष्य का सपना देख रहे थे, लेकिन एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया।
घटना को लेकर कपाली और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि गुमशुदगी की सूचना के बाद अगर पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती, तो इस दर्दनाक घटना को रोका जा सकता था।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव किन परिस्थितियों में मिला, मौत का वास्तविक कारण क्या है और यह हत्या है या किसी साजिश का हिस्सा—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। यह घटना एक बार फिर झारखंड में कानून-व्यवस्था और पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

