झारखंड सरकार ने पेसा कानून (PESA Act) को मान्यता देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए इसे कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इससे पहले इस कानून को लेकर न्यायालय ने राज्य सरकार को स्पष्ट आदेश दिया था कि वह पेसा कानून पर अपनी स्थिति शीघ्र स्पष्ट करे। न्यायालय के निर्देशों के बाद हेमंत सोरेन सरकार ने कैबिनेट बैठक में पेसा कानून को स्वीकृति दे दी।
पेसा कानून को मंजूरी मिलने की खबर सामने आते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह जश्न का माहौल बन गया। इसी कड़ी में मंगलवार को मानगो नगर निगम कार्यालय के समक्ष जेएमएम कार्यकर्ताओं ने लड्डू का वितरण किया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और इसे आदिवासी स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
जेएमएम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि पेसा कानून से ग्राम सभा को सशक्त बनाया जाएगा और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को अपने संसाधनों और विकास से जुड़े फैसलों में अहम अधिकार मिलेगा। उन्होंने इसे झारखंड के आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग की जीत बताया।

